Resolution Ias By Er Neelesh Tomar
******************************
राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया
******************************
अनु० 61 - के अनुसार राष्ट्रपति पर महाभियोग संसद के दोनों सदनों में से किसी पर शुरू किया जा सकता है। यह राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अतिक्रमण किये जाने के आधार पर लाया जाता है। किसी भी सदन में महाभियोग की शुरुआत के लिए शर्त है कि पहले उस सदन के कम से कम 1/4 सदस्य मिलकर एक प्रस्ताव लाये इस प्रस्ताव को सदन के द्वारा स्वीकृति किये जाने के बाद राष्ट्रपति को 14 दिन पहले सूचना देकर सदन में मतदान के लिए रखा जाता है। यदि इस प्रस्ताव को उस सदन के 2/3 बहुमत द्वारा पारित कर दिया जाता है तो इसे दूसरे सदन में भेजा जाता है। दूसरे सदन में भी यह प्रस्ताव 2/3 बहुमत से पारित कर दिया जाता है तो राष्ट्रपति को अपने पद से हटना पड़ता है।
- भारत में राष्ट्रपति के विरुद्ध महाभियोग संसद में चलाया जाता है ,किन्तु अमेरिका में न्यायपालिका द्वारा चलाया जाता है।
- अनु० 62 के अनुसार राष्ट्रपति की रिक्त 6 महीने के अंदर भर जाना चाहिए
- भारत में राष्ट्रपति निर्वाचित होता है। ब्रिटेन में अनुवांशिक ब्रिट्रेन के राष्ट्राध्यक्ष की तरह हमारा राष्ट्रपति न तो रबड़ स्टैम्प होता है तथा न ही अमेरिका की तरह सक्रिय होता है। अपितु भारत में राष्ट्रपति कार्यपालिका एवं विधायिका (संसद का अंग ) के लिए समन्वयक तथा विशेष परिस्थतियो में संविधान संरक्षक की भूमिका में होता है।
यह भी जाने -


0 Comments