Resolution Ias By Er Neelesh Tomar
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भारतीय संविधान के मौलिक कर्तव्य भाग 4(A) अनु० 51 (A)
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संविधान के प्रारंभ में मूलकर्तव्य का समावेश नहीं था 1976 में इंदिरा गाँधी की सरकार द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर पूर्व सोवियत संघ से प्रेरित होकर 42 वे संविधान संशोधन के द्वारा भाग 4 में A जोड़कर तथा अनु० 51A में 10 मौलिक कर्तव्यो को शामिल किया गया 86 वे संविधान संशोधन द्वारा एक और मौलिक कर्तव्य 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क शिक्षा जोड़ने के बाद इनकी संख्या 11 हो गई उल्लेखनीय है मौलिक कर्तव्य के उल्लंघन पर दण्ड का कोई प्रावधान संविधान में नहीं है किन्तु सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय से विकसित परम्परा के अनुसार सुप्रीम कोर्ट दण्ड दे सकती है।
मौलिक कर्तव्य - इनकी संख्या 11 है।
- प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह संविधान का पालन करे और उसके आदर्शो संस्थाओं ,राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे
- स्वन्त्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शो को ह्रदय में संजोए रखे और उनका पालन करे
- भारत की प्रभुता ,एकता और अखण्डता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे
- देश की रक्षा करे
- भारत के सभी लोगो में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करे
- हमारी सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्व समझे और उसका परिरसण करे
- पर्यावरण जिसमे बन ,झील ,नदी एवं वन्यजीव शामिल है की रक्षा करना
- वैज्ञानिक द्रष्टिकोण को ज्ञानार्जन की भावना का विकास करे
- सार्वजानिक संपत्ति को सुरक्षित रखे
- व्यक्तिगत एवं सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की और बढ़ने का सतत प्रयास करे
- माता पिता या संरक्षक द्वारा 6 से 14 वर्ष के बच्चो हेतु प्राथमिक शिक्षा प्रदान करे


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