भारत की संचित निधि (अनु० 266) एवं संचित निधि पर भरित व्यय

 Resolution Ias By Er Neelesh Tomar

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भारत की संचित निधि (अनु० 266) एवं संचित निधि पर भरित व्यय 

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भारत सरकार को प्राप्त सभी राजस्व की एक निधि है जिसे भारत की संचित निधि कहा जाता है संचित निधि से कोई धन संसद द्वारा विनियोग विधयक पारित कर दिए जाने के पश्चात निकाली या  व्यय की जा सकती है। 

संघ सरकार और राज्य सरकार दोनों की अलग -अलग संचित निधि होती है संचित निधि में सरकार की समस्त प्राप्तियां सरकार की कमाई ,टैक्स ,सभी प्राप्तियां जमा की जाती है इस निधि से संसद की अनुमति से ही धन खर्च किया जाता है। 


भारत की संसद निधि पर भारित व्यय 

  1. राष्ट्रपति का बेतन एवं भत्ता और अन्य व्यय 
  2. राज्यसभा सभापति और उपसभापति तथा लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बेतन और भत्ते 
  3. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशो का बेतन भत्ता पेंशन 
  4. भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक का बेतन भत्ता तथा पेंशन 
  5. ऐसा ऋण जिसका दायित्व भारत सरकार पर है 
  6. कोई अन्य व्यय जिसे संसद संचित निधि पर भरित कर दे 
  7. संघ लोकसेवा आयोग का पूरा व्यय 
  8. हाईकोर्ट के जजों की पेंशन 
  9. निर्वाचन आयोग का व्यय संसद ने संचित निधि पर भरित व्यय कर दिया है 

Note - भारत के उपराष्ट्रपति राज्य सभा के सभापति के रूप में बेतन व भत्ते प्राप्त करते है राज्य सभा के सभापति एवं उपसभापति का बेतन भत्ता भारत की संचित निधि पर भरित है न कि उपराष्ट्रपति का 


संचित निधि पर भरित व्यय संसद में मतदान के लिए प्रस्तुत नहीं किये जा सकते केवल उन पर चर्चा की जा सकती है तथा इन व्ययों पर कोई परिवर्तन करने का अधिकार संसद को नहीं है। 

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