Resolution Ias By Er Neelesh Tomar
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मुद्रा की आपूर्ति (M 1 ;M 2 ;M 3 ;M 4)
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किसी विशेष समय पर जनता के बीच प्रचलित धन की कुल मात्रा मुद्रा आपूर्ति कहलाता है।
- भारत में मुद्रा आपूर्ति को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।
M 1 = जनता की मुद्रा + बैंको की मांग जमा + RBI के पास की मुद्रा
M 2 = M 1 + डाकघरों की वचत जमा
M 3 = M 1 + बैंको की सावधि जमा
M 4 = M 3 + डाकघरों की सभी जमा
- तरलता की दृष्टि से M 1 सबसे अधिक तरल तथा M 4 सबसे कम तरल होती है।
- M 1 को नैरो मनी कहते है।
- M 3 को ब्रॉड मनी कहते है।


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