बैंको की जमाएं

 Resolution Ias By Er Neelesh Tomar

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बैंको की जमाएं 

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बैंको  की जमाएं दो प्रकार की होती है 

  1. माँग जमा (Demand Deposit)
  2. सावधि जमा (Term Deposit)

माँग जमाएं 


इस प्रकार की जमाएं व्यक्ति की माँग पर सदैव उपलब्ध होती है। यह दो प्रकार की जमा खाता होते है 
  1. चालू खाता जमा (Current  Account )
  2. बचत खाता जमा (Saving Account )
चालू खाता जमा (Current  Account )-चालू खाता जमा पर कुछ ब्याज नहीं मिलता वल्कि उल्टा बैंक के द्वारा कुछ ग्राहकों से सेवा शुल्क लिया जाता है। 

बचत खाता जमा (saving Account )- बचत खाता जमा पर कुछ ब्याज मिलता है। एक निश्चित सीमा के अंतगर्त बचत खाते से लेन -देन किया जा सकता है। 

सावधि जमा (Term Deposit)


इस प्रकार की जमा निर्धारित ब्याज के साथ एक निश्चित समय के बाद ही बापस मिल सकती है। ये भी दो प्रकार की होती है। 
  1. आवर्ती जमा (Recurring Account)
  2. Fixed जमा (Fixed Deposit Account)
आवर्ती जमा (Recurring Account )- इसके अंतगर्त लगातार कुछ अंतराल पर पैसा जमा किया जाता है। और एक निश्चित समय के बाद निर्धारित समय के बाद निर्धारित ब्याज के साथ वह पैसा बापिस हो जाता है 

Fixed जमा(Fixed Deposit Account ) - Fixed जमा में कुछ धन एक मुश्त एक निश्चित समय के लिए fixed कर दिया जाता है और समय पूरा होने पर यह धन निश्चित ब्याज के साथ बापस मिल जाता है। 

नोट
नो फ्रिल अकाउंट - को बेसिक सेविंग बैंक डिपाजिट अकाउंट भी कहा जाता है। इस प्रकार के खातों को बिना रुपये जमा किये (Zero Balance ) खुलवाया जाता था और खाता धारक को मिनिमम बैलेंस बनाये रखने की बाध्यता से भी छूट दी गई है। 

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