मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उधान

 Resolution Ias By Er Neelesh Tomar

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मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उधान 

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  • राष्ट्रीय उधान ऐसे आरक्षित क्षेत्र होते है जहाँ वन्यजीवों एवं वनो को पूर्णरूप से संरक्षित किया जाता है। 
  • राष्ट्रीय उधान में किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधियों एवं पशुचारण पर पूर्णत: प्रतिबन्ध होता है 
राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय उधान निम्नलिखित है 

कान्हा-किसली राष्ट्रीय उधान 
  • यह मण्डला जिले में है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उधान है 
  • वर्ष 1933 में कान्हा क्षेत्र को विलुप्त होते बारहसिंगा को बचाने के लिए अभ्यारण बनाया गया था। 
  • वर्ष 1955 में इसे मध्य प्रदेश का पहला राष्ट्रीय उधान बनाया गया। इसे प्रोजेक्ट टाइगर के अंतगर्त वर्ष 1974 में शामिल किया गया 
  • यह बालाघाट जिले में सर्वाधिक फैला है। 
माधव राष्ट्रीय उधान 
  • इसकी स्थापना वर्ष 1958 में शिवपुरी जिले में की गई थी 
  • इस उधान में जार्ज कैसल नामक प्रसिद्ध भवन भी है। 
बाँधवगढ़ राष्ट्रीय उधान 
  • इसकी स्थापना उमरिया जिले में वर्ष 1968 में की गई यह शहडोल की 32 पहाड़ियों से घिरा हुआ है। 
  • बाघों की दृष्टि से देश में सर्वाधिक घनत्व वाला राष्ट्रीय उधान है। इस उधान में सफेद शेर पाए जाते है। 
फासिल राष्ट्रीय उधान 
  • यह राष्ट्रीय उधान डिण्डोरी जिले में स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 1968 में की गई थी इसे वर्ष 1983 में राष्ट्रीय उधानो में शामिल किया गया 
  • यह राज्य का पहला जीवाश्म उधान है। इसमें वनस्पति जीवाश्मों को रखा गया है। यह भारत के चार जीवाश्म उधानो में से एक है 
  • यह मध्य प्रदेश का सबसे छोटा उधान है। 
पेंच राष्ट्रीय उधान 
  • यह मध्य प्रदेश के सिवनी-छिंदवाड़ा जिले में स्थित है इसे प्रोजेक्ट टाइगर योजना में शामिल किया गया है 
  • इस उधान को इन्दिरा गाँधी प्रियर्दशनी उधान के नाम से भी जाना जाता है। 
संजय राष्ट्रीय उधान 
  • यह मध्य प्रदेश के सीधी ,शहडोल तथा छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में फैला हुआ है। 
  • इस उधान को वर्ष 2008 में प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल किया गया 
वन विहार राष्टीय उधान 
  • यह भोपाल में स्थित है 
  • इसमें राज्य में पाए जाने वाले सभी जीव पाए जाते है 
  • यह राष्ट्रीय उधान मध्य प्रदेश के जीवाश्म राष्ट्रीय उधान के बाद सबसे छोटा राष्ट्रीय उधान है। 
पन्ना राष्ट्रीय उधान 
  • इसकी स्थापना वर्ष 1981 में छतरपुर एवं पन्ना जिलों में की गई 
  • इसे प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल किया गया 
  • इस उधान में प्रदेश के एकमात्र रेप्टाइल पार्क (रेंगने वाले जीव) की स्थापना की गई है। 
सतपुड़ा राष्ट्रीय उधान 
  • होशंगाबाद जिले में स्थित है 
  • इसे प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल किया गया है। 
डायनासोर राष्ट्रीय उधान 
  • इसकी स्थापना धार जिले में की गई 
  • यह डायनासोर के जीवाश्म के लिए सबसे समृद्ध है। यहाँ पर डायनासोर की सभी प्रजातियों के अवशेष मिलते है 

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