विदेशी निवेश, FDI,FII,QFI

 Resolution Ias By Er Neelesh Tomar

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विदेशी निवेश, FDI,FII,QFI 

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विदेशी निवेश से सरकार को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होती है। इसे दो भागों में बांटा गया है 

  1. FDI (Foreign Direct Investment)
  2. PFI (Portfolio Investment) 
FDI (Foreign Direct Investment)-किसी एक देश की कंपनी का दूसरे देश में किया गया निवेश FDI कहलाता है 
  • यह स्थाई होता है 
  • दीर्घकालीन सकारात्मक प्रभाव ,आधारभूत संरचना ,ओधोगिक क्षेत्र आदि (कुछ क्षेत्रों को छोड़ कर भारत में 100 % तक FDI) की अनुमति दी गई है 
PFI (Portfolio Investment )- शेयर बाजार के माध्यम से किया जाने वाला निवेश पोर्टफोलियो निवेश कहलाता है ये दो प्रकार का होता है। 
  1. FII ( Foreign Institutional Investment)
  2. QFI (Qualified Foreign Investment)
FII (Foreign Institutional investment)

 जब किसी बिदेशी संस्था द्वारा भारत के पूंजी बाजार में निवेश किया जाता है तो FII कहलाता है।
 
QFI (Qualified Foreign Investment)

व्यक्तिगत रूप से शेयर बाजार में निवेश किया जाता है तो उसे QFI कहते है। 2011 से निवेश की यह श्रेणी शुरू की गई ऐसे बिदेशी व्यक्तिगत निवेशक होते है जो सेबी के नियमो के तहत निवेश करने के योग्य माने जाते है कोई एक व्यक्तिगत निवेशक किसी एक कंपनी में 5 %तक शेयर खरीद सकता है यदि बहुत सारे QFI मिले तो 10 %से अधिक शेयर नहीं खरीद सकते 

P -Notes(Participatory Notes)- पार्टिसिपेटरी नोट्स यह रजिस्टर FII के द्वारा अन्य लोगों को जो रजिस्टर नहीं है और हमारे शेयर बाजार में पैसा लगाना चाहते है तो उन लोगो को जारी किया जाता है और इसके माध्यम से उनका पैसा हमारे शेयर बाजार में निवेश किया जाता है। 

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