Resolution Ias By Er Neelesh Tomar
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दलबदल कानून क्या है
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दसवीं अनुसूची को 52 वें संविधान संसोधन 1985 द्वारा जोड़ा गया यह दलबदल को रोकने से संबंधित है। कोई भी संसद अथवा विधायक जिस दल के टिकट पर चुनाव जीतकर आता है वह उसी दल का सदस्य माना जाता है। यदि वह सदस्य अपने पार्टी के विरुद्ध जाकर सदन में मतदान करता है या नहीं आता है या वह चुनाव के बाद अपने दल को छोड़कर दूसरे दल में शामिल हो जाता है तो वह दलबदल का दोषी माना जायेगा
- यदि किसी दल के 1/3 सदस्य दल से अलग होते है तो उनको दलबदल का दोषी नहीं माना जाता है लेकिन वे किसी दल में शामिल नहीं हो सकते
- यदि किसी दल के 2/3 सदस्य एक साथ निकल कर किसी दूसरे दल में शामिल हो जाते है तो उनको दलबदल का दोषी नहीं माना जायेगा
- कोई भी निर्दलीय सदस्य चुनाव जीतने के बाद किसी दल में शामिल नहीं हो सकता
- कोई नामित सदस्य अपने मनोनयन के 6 माह के अंदर किसी दल का सदस्य बन सकता है। उसके बाद किसी दल का सदस्य नहीं बन सकता
- किसी सदन का अध्यक्ष अपने चुनाव के बाद अपने दल की अध्यक्षता छोड़ सकता है। किन्तु अपने वर्तमान कार्यकाल के दौरान किसी भी दल में शामिल नहीं हो सकता है।
दलबदल से संबंधित कोई मामले का फैसला उस सदन का अध्यक्ष करता है।


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