भारत में बैंकिंग प्रणाली का इतिहास तथा वर्तमान में सार्वजनिक बैंको की संख्या 2020

 Resolution Ias By Er Neelesh Tomar

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भारत में बैंकिंग प्रणाली का इतिहास तथा वर्तमान में सार्वजनिक  बैंको की संख्या 2020 

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भारत में स्थापित पहला बैंक Bank Of Hindustan  था जिसकी स्थापना 1770 में की गयी थी 1881 में स्थापित अवध कमर्शियल बैंक भारत द्वारा संचालित पहला बैंक था। पूर्णरूप से पहला भारतीय बैंक पंजाब नेशनल बैंक था। जिसकी स्थापना 1884 में की गयी थी। इसी बीच 1806 में स्थापित बैंक ऑफ़ कलकत्ता 1840 में स्थापित बैंक ऑफ़ बम्बई तथा 1843 में स्थापित बैंक ऑफ़ मद्रास को मिलाकर 1921 में इम्पीरियल बैंक ऑफ़ इंडिया की स्थापना की गयी 1955 में इस बैंक को SBI के रूप में परवर्तित कर दिया गया। 1969 में देश के 14 बड़े बैंको का राष्ट्रीयकरण   कर दिया गया एक बार पुन:1980 को देश के अन्य 6 बड़े बैंको का राष्ट्रीयकरण  कर दिया गया इस प्रकार राष्ट्रीयकृत बैंको की संख्या 20 हो गयी लेकिन 1993 में न्यु बैंक ऑफ़ इंडिया का विलय PNB में कर दिया गया जिससे राष्ट्रीयकृत बैंको की संख्या 19 रह गयी लेकिन वर्तमान में भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको की संख्या घटकर 12 हो गई है जो कि पहले 26 थी। 

  • सरकार ने वर्ष 2017 में SBI के सहयोगी बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ पटियाला ,स्टेट बैंक ऑफ़ त्रावणकोर ,स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद ,स्टेट बैंक  मैसूर ,स्टेट बैंक ऑफ़ बीकानेर एंड जयपुर और साथ ही भारतीय महिला बैंक का विलय SBI में कर दिया 
  • 2019 में देना बैंक और विजया बैंक का विलय बैंक ऑफ़ बडौदा में किया गया 
  • वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 30 अगस्त 2019 को देश के 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको को 4 बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको में विलय कर दिया था जिससे वर्तमान में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको की संख्या 12 रह गयी। 
  • ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स तथा यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया का विलय PNB में किया गया 

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