Resolution Ias By Er Neelesh Tomar
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विश्व बैंक (World Bank )
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वर्ल्ड बैंक की स्थापना ब्रेटन बुड सम्मलेन के परिणाम स्वरूप 27 दिसंबर 1945 को हुई तथा 1946 से इसने कार्य करना शुरू किया इसका उद्देश्य विकास और पुननिर्माण के लिए सदस्य देशो को लंबे समय के लिए लोन उपलब्ध कराना है। इसके कुल पाँच अंग है।
- IBRD
- IDA
- IFC
- MIGA
- ICSID
स्थापना के समय इसका आरंभिक नाम IBRD (International Bank for Reconstruction Development ) था इसी लिए सामान्य अर्थ में IBRD को ही विश्व बैंक कहा जाता है।
IDA -( International Development Association ) इसकी स्थापना 1960 में की गयी थी। यह गरीब देशो को सस्ता लोन उपलब्ध कराता है। इसी लिए इसे विश्व बैंक की रियायती ऋण देने वाली खिड़की या सॉफ्ट लोन विंडो कहा जाता है।
IFC - ( International Finance corporation ) यह विकाशशील देशो में बिना सरकारी गारंटी के निजी क्षेत्र को ऋण उपलब्ध कराने का कार्य करती है।
MIGA - (Multilateral Investment Gurantee Agency ) यह गरीब देशो में निवेश को बढ़ाबा देने का उपाय करता है। इसके लिए यह ऋण के संबंध में बीमा सुबिधा उपलब्ध कराती है।
ICSID - (International Center for Satelment of Investment Dispute ) निवेश संबंधी विबादो को निबटारे के लिए अंतरराष्ट्रीय केंद्र यह निवेश के संबंध में यदि कोई विवाद उत्पन्न हो जाये तो उसके निपटारे के लिए कार्य करती है। भारत ICSID का सदस्य नहीं है।
वर्ल्ड बैंक में किसी भी सदस्य देश को अपने निर्धारित कोटे का 2 % धन सोना ,SDR या डॉलर में शेष 18 % अपनी मुद्रा में तथा शेष 80 % बैंक की माँग के अनुसार जमा किया जाता है।
विश्व बैंक दीर्घ कालीन लोन वित्तीय सहयता के साथ -साथ सदस्य देशो को तकनीकी सलाह भी उपलब्ध कराता है।
- इसका मुख्यालय वांशिगटन डी. सी.अमेरिका में है।
- इसके सदस्य देश 189 है।
- इसके वर्तमान में अध्यक्ष अमेरिकी वित्त विभाग के डेविड मल्पास को विश्व बैंक के 13 वें अध्यक्ष के तौर पर चुना गया
- इसके द्वारा दिये जाने वाले ऋण का उद्देश्य मानव विकास है।


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