यकृत (Liver )

 Resolution Ias By Er Neelesh Tomar

----------------------------------------------

यकृत (Liver )

-----------------------------------------------



  • यह मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथी है जिसका भार 1. 5 kg से 2 kg के मध्य होता है। 
  • यकृत में आवश्यकता से अधिक शर्करा /कार्बोहाइड्रेट ग्लाइकोजन के रूप में संचित रहती है। जरुरत पड़ने पर यह पुन: ग्लूकोज में परवर्तित हो जाती है। 
  • यह प्रोटीन उपापचन में सक्रिय रूप से भाग लेता है। प्रोटीन विघटन के परिणाम स्वरूप निकले विषैले अमोनिया को यह यूरिया में परवर्तित कर देता है। 
  • रक्त का थक्का बनने में मदद करने वाले प्रोटीन फ्राइब्रिनोजन तथा प्रोथ्रोमिबन का संश्लेषण एवं संग्रह यकृत में होता है। 
  • यकृत हिपेरिन नामक मुख्य पदार्थ बनाता है जो रक्त वाहिनियों में रक्त को जमने से रोकता है। 
  • यकृत में विटामिन A और D संचित रहता है। 
  • यदि आवश्यकता से अधिक ग्लूकोज रक्त में आ जाता है तो यकृत में यह ग्लाइकोजन में परवर्तित हो जाता है। यह क्रिया ग्लाइकोजेनेसिस कहलाती है। 
  • भोजन में जहर से व्यक्ति की मौत होने पर पोस्टमार्टन में यकृत की जाँच की जाती है। 
  • पीलिया एवं हेपेटाइटिस रोग में प्रभावित अंग यकृत है। 
  • पित्त रस का स्रावण यकृत से होता है। यह क्षारीय द्रव होता है। पित्त का संचय पित्ताशय में होता है। 

Post a Comment

0 Comments