Resolution Ias By Er Neelesh Tomar
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यकृत (Liver )
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- यह मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथी है जिसका भार 1. 5 kg से 2 kg के मध्य होता है।
- यकृत में आवश्यकता से अधिक शर्करा /कार्बोहाइड्रेट ग्लाइकोजन के रूप में संचित रहती है। जरुरत पड़ने पर यह पुन: ग्लूकोज में परवर्तित हो जाती है।
- यह प्रोटीन उपापचन में सक्रिय रूप से भाग लेता है। प्रोटीन विघटन के परिणाम स्वरूप निकले विषैले अमोनिया को यह यूरिया में परवर्तित कर देता है।
- रक्त का थक्का बनने में मदद करने वाले प्रोटीन फ्राइब्रिनोजन तथा प्रोथ्रोमिबन का संश्लेषण एवं संग्रह यकृत में होता है।
- यकृत हिपेरिन नामक मुख्य पदार्थ बनाता है जो रक्त वाहिनियों में रक्त को जमने से रोकता है।
- यकृत में विटामिन A और D संचित रहता है।
- यदि आवश्यकता से अधिक ग्लूकोज रक्त में आ जाता है तो यकृत में यह ग्लाइकोजन में परवर्तित हो जाता है। यह क्रिया ग्लाइकोजेनेसिस कहलाती है।
- भोजन में जहर से व्यक्ति की मौत होने पर पोस्टमार्टन में यकृत की जाँच की जाती है।
- पीलिया एवं हेपेटाइटिस रोग में प्रभावित अंग यकृत है।
- पित्त रस का स्रावण यकृत से होता है। यह क्षारीय द्रव होता है। पित्त का संचय पित्ताशय में होता है।



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