Resolution Ias By Er Neelesh Tomar

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मुद्रास्फीति (Inflation ) क्या है तथा मुद्रास्फीति का मापन 

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सामान्य अर्थ में वस्तुओं की कीमत का लगातार बड़ना या दूसरे शब्दों में मुद्रा के मूल्य का कम होना ही मुद्रास्फीति कहलाता है। 

मुद्रास्फीति के प्रकार 

(1) रेंगती हुयी मुद्रास्फीति - जब मुद्रास्फीति 3 % के आस -पास हो या इससे कम हो तो उसे रेंगती हुयी मुद्रास्फीति कहते है। 

(2) टहलती हुयी मुद्रास्फीति - जब मुद्रास्फीति 3 % से अधिक 9 % तक हो तो उसे टहलती हुयी मुद्रास्फीति कहते है। 

(3 ) दौड़ती हुयी मुद्रास्फीति - जब मुद्रास्फीति 10 % से लेकर 30 % तक हो तो उसे दौड़ती हुयी मुद्रास्फीति कहते है 

(4) उछलती हुयी मुद्रास्फीति - जब मुद्रास्फीति 30 % से अधिक 99 % तक हो तो उसे उछलती हुई मुद्रास्फीति कहते है। जब मुद्रास्फीति 3 अंक या इससे ऊपर चली जाये तो उसे Hyper Inflation कहते है। 


मुद्रास्फीति के कारण 

मुद्रास्फीति के कारण दो प्रकार के होते है 

  • माँग आधारित कारक 
  • पूर्ति (Supply )आधारित करक 

माँग आधारित कारक - इसके अंतगर्त ऐसे कारक शामिल किये जाते है। जिसके कारण बाजार में मुद्रा का प्रवाह बढ़ जाये और इससे लोगो की खरीद क्षमता बढ़ जाये जिस कारण बाजार में माँग में वृद्धि हो जाये जैसे 

  • सस्ती मौद्रिक नीति को अपनाकर 
  • सरकार के द्वारा अपने खर्चो को बड़ा देना 
  • सरकार के द्वारा प्रत्यक्ष कर की दरों में कमी कर देना 
  • बाजार में काले धन का बढ़ जाना 
  • सरकार द्वारा लगातार घाटे की वित्त व्यवस्था अपनाना 

पूर्ती आधारित कारक - इसके अंतगर्त ऐसे कारको को शामिल किया जाता है जिनके कारण बाजार में वस्तुओं की supply कम  जाती है जिनके कारण बाजार में कीमते बढ़ने लगती है। जैसे 

  • किसी प्राकृतिक कारण या मानवीय कारण से वस्तुओं का उत्पादन कम हो जाये 
  • किसी कारण से वस्तुओं की पहुंच वाधित हो जाये 
  • किसी कारण से उत्पादन की उत्पादक लागत बढ़ जाये 
  • सरकार के द्वारा अप्रत्यक्ष करो को बड़ा देने 
  • कालाबाजारी या जमाखोरी के कारण भी वस्तुओं की उपलब्धता कम हो जाती है। 

मुद्रास्फीति को रोकने के उपाय 

  • RBI के द्वारा मौद्रिक नीति को कठोर बना दिया जाये 
  • सरकार के द्वारा अपने खर्च को कम कर दिया जाये 
  • प्रत्यक्ष कर को बढ़ा दिया जाये 
  • काले धन पर अंकुश लगाया जाये और कालाबाजारी रोकने का प्रयास किया जाये 
  • जिन वस्तुओं की कमी है उन वस्तुओं के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाये 

मुद्रास्फीति का मापन 

मुद्रास्फीति का मापन मुख्य रूप से थोक मूल्य सूचकांक (WPI) Whole Price Index के आधार पर किया जाता है। इसके साथ ही CPI (Consumer Price Index ) का भी उपयोग किया जाता है। WPI में कुल 676 वस्तुओं को शामिल किया जाता है। जिसमे 555 बिनिर्मित(Manufature ) वस्तुये ;102 प्राथमिक वस्तु तथा 19 ईधन वस्तुओं को शामिल किया गया है। 
इसकी गणना के लिए एक आधार वर्ष मान लिया जाता है। उस आधार वर्ष की कीमत के साथ क्रमशः अन्य वस्तुओं के कीमत की तुलना करा कर मुद्रास्फीति की गणना की जाती है 2004 -2005 की कीमतों को आधार वर्ष माना गया था आधार वर्ष एक ऐसा वर्ष होता है जिसमे कीमतों का उतार -चढ़ाव बहुत कम रहता है। 

मुद्रास्फीति की दर = P 1 - P 2 
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