Resolution ias By Er Neelesh Tomar
भारत में डचों का आगमन
डच हालेण्ड के निवासी थे। भारत से व्यापार करने के लिए हालैण्ड में 1602 में डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना की गयी भारत में व्यापार पर अधिकार को लेकर डच व पुर्तगालियों के मध्य सैनिक संघर्ष हुए जिसमे पुर्तगाली शक्ति कमजोर हुई। डचों ने शीघ्र गुजरात में कोरोमंडल समुद्र तट ,बंगाल ,बिहार तथा उड़ीसा में व्यापारिक कोठियाँ स्थापित की। उन्होंने अपना पहला कारखाना मछलीपट्म में खोला। डचो ने भारत के साथ मुख्यत:मसालों ,नील ,कच्चे रेशम ,शीशा ,चावल एवं अफीम का व्यापार किया डचों की प्रमुख फैक्ट्री पुलिकट में थी जहाँ वह स्वर्ण मुद्रा पगोडा ढालते थे।
डचों ने भारत में स्वर्ण मुद्रा चलाई जिसका नाम पगोडा था।
अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत आगमन से डच कम्पनी के व्यापार को धक्का लगा। 1759 में अंग्रेज तथा डचों के मध्य वेदरा का युद्ध हुआ ,जिसमे डच पराजित हुए और उनकी शक्ति एवं व्यापार को अत्यधिक धक्का लगा। धीरे -धीरे डच ईस्ट इंडिया कम्पनी की शक्ति भारत से समाप्त हो गयी।
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