Resolution Ias By Er Neelesh Tomar
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धन विधयक क्या है तथा धन विधयक कहाँ पेश किये जाते है
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अनु० 110 - कोई विधयक धन विधयक तभी कहलायेगा जब उसमे निम्न बिषयो में से सभी या इनमे से कोई एक बिषय शामिल हो इन बिषयो में
- किसी कर को लगाना उसको समाप्त करना या किसी कर में परिवर्तन करना
- भारत सरकार द्वारा धन उधार लेना या किसी ऋण के संबंध में गारंटी देना
- भारत की संचित निधी अथवा आकस्मिकता निधि में धन जमा करना या निकालना
- किसी व्यय को संचित निधि पर भारित घोषित करना
- भारत के लोकलेखा के लिए धन प्राप्त करना या व्यय करना
धन विधयक से संबंधित प्रकिया
अनु० 109 - धन विधयक लोकसभा में ही राष्ट्रपति की सिफारिश पर पेश किया जाता है राज्यसभा में नहीं लोकसभा में पारित होने के बाद धन विधयक राज्यसभा को भेजा जाता है। किन्तु राज्यसभा को धन विधयक के मामले में बहुत कम अधिकार है राज्यसभा स्वंय उसमे कोई संसोधन नहीं कर सकती राज्यसभा के द्वारा दिए गए किसी सुझाव को मानना लोकसभा के लिए जरूरी नहीं है और यदि 14 दिन के अंदर राज्यसभा ने विधयक को लोकसभा को बापिस नहीं किया तो वह विधयक अपने आप पारित मान लिया जायेगा
- कोई विधयक धन विधयक है कि नहीं इसका फैसला लोकसभा अध्यक्ष करता है।
- धन विधयक को राष्ट्रपति पुनर्विचार के लिए लौटा नहीं सकता है।
- चुकि धन विधयक राष्ट्रपति की सिफारिश पर ही पेश होता है। अत: इसके इसके संसद में पारित होने के बाद राष्ट्रपति को अनुमति देना पड़ता है।


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