Resolution Ias By Er Neelesh Tomar
पर्यावरणीय भूगोल भाग -2
जैवविविधता (Bio-Diversity)- धरातलीय महासागरीय तथा अन्य पारिस्थतिकी तंत्रो में मौजूद जीवों के मध्य विभिन्नता एवं अंर्तसम्बन्धो को कहते है। जैवविविधता को महत्वपूर्ण दर्जा देने का श्रेय ई० ओ० विल्सन तथा डब्लू० जी० रोजेन नामक वैज्ञानिको को है। 1992 में ब्राजील के रियो -द-जनरियो सम्मेलन में इसे प्रमुखता से उठाया गया विश्व में सर्वाधिक जैवविविधता ब्राजील तथा उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन क्षेत्रों में पायी जाती है। भारत में जैवमण्डलीय आरक्षित क्षेत्रों में प्रथम नीलगिरि तथा नवीनतम पश्चिमी घाट माना जाता है।
पश्चिमी घाट - यूनेस्को द्वारा भारत के इस क्षेत्र को जैवविविधता की सम्पन्नता के कारण अपनी सूची में शामिल किया गया है। इसी क्षेत्र में केरल राज्य में स्थित शान्त घाटी जैवविविधता के लिए प्रसिद्ध है। जैवविवधता में विश्व में भारत का 12 वा स्थान है।
पारिस्थतिकी (Ecology)- शब्द का प्रयोग अर्नेस्ट हैकल द्वारा किया गया इसमें जीवधारियों के पर्यावरण पर एवं पारस्परिक प्रभावों का अध्ययन किया जाता है।
पारिस्थतिकी तंत्र (Ecosystem)- का पिता जर्मनी के ए० जी० टान्सले को माना जाता है।
पारिस्थतिकी पिरामिड - के प्रणेता चाल्स एल्टन है
ओज़ोन परत - का सर्वप्रथम पता ब्रिटेन के फोरमेन ने लगाया तथा ओज़ोन परत की खोज क्रिश्चियन फ्रेडरिक स्कोन विन ने की थी ओज़ोन परत को नापने की इकाई डाबसन है।
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण - का गठन 2010 में पर्यावरण संरक्षण क़ानून को प्रभावी तरीके से लागू करने के उद्देश्य से किया गया है।
सलीम अली पक्षी विज्ञानं केन्द्र - कोयमबटूर में स्थित है
सलीम अली राष्ट्रीय उधान - जम्मू कश्मीर में स्थित है
पक्षियों की विविध प्रजातियों के कारण दक्षिण अमेरिका को पक्षियों का महादीप कहा जाता है।
पर्यावरण संरक्षण हेतु कार्बन टैक्स लगाने वाला विश्व का प्रथम देश न्यूजीलेण्ड
जल से होने वाले रोग
- शुद्ध जल में आर्सनिक की अधिकता से ब्लैक फुट रोग हो जाता है
- शुद्ध जल में नाइट्रेट की अधिकता से ब्लू बेबी सिंड्रोम रोग
- जल में पारे की अधिकता से मिनेमाटा रोग हो जाता है


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