Resolution Ias By Er Neelesh Tomar
कम्पनी के अधीन गवर्नर जेनरल
बंगाल के गवर्नर
राबर्ट क्लाइव
- इसने बंगाल में द्वैध शासन की व्यवस्था की जिसके तहत राजस्व वसूलने ,सैनिक संरक्षण एवं विदेशी मामले कम्पनी के अधीन थे जबकि शासन चलाने की जिम्मेदारी नवाब के हाथों में थी।
- इसने मुग़ल सम्राट शाहआलम।। को इलाहबाद की दुसरी संधि के द्वारा कम्पनी के संरक्षण में ले लिया
Note -रेग्यूलेटिंग एक्ट 1773 के अनुसार बंगाल गवर्नर को अब अंग्रेजी क्षेत्रों का गवर्नर जनरल कहा जाने लगा जिसका कार्यकाल 5 वर्षो का निर्धारित किया गया। मद्रास एवं बम्बई के गवर्नर को इसके अधीन कर दिया गया इस इस प्रकार भारत में कम्पनी के अधीन प्रथम गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स हुआ वारेन हेस्टिंग्स कम्पनी के क्लर्क के रूप में कलकत्ता आया और अपनी कार्यकुशलता के कारण बंगाल का गवर्नर एवं कम्पनी का गवर्नर जनरल बना।
वारेन हेस्टंग्स
- इसने राजकीय कोषागार को मुर्शिदाबाद से हटाकर कलकत्ता लाया
- 1772 में इसने प्रत्येक जिले में एक फौजदारी तथा दीवानी अदालतों की स्थापनाकी
- इसने कलकत्ता में मुस्लिम शिक्षा विकास के लिए प्रथम मदरसा स्थापित की
- इसी के समय में जोनाथन डंकन ने बनारस में संस्कृत विधालय की स्थापना की
- गीता के अंग्रेजी अनुवादकार विलियम विल्किन्स को हेस्टिंग्स ने आश्रय प्रदान किया
- इसी के समय में सर विलियम जोंस ने 1784 ई. में द एशियाटिक सोसायटी ऑफ़ बंगाल की स्थापना की
- इसी के समय में रेग्युलेटिंग एक्ट के तहत 1774 ई. में कलकत्ता में एक उच्च न्यायलय की स्थापना की गयी जिसका अधिकार क्षेत्र कलकत्ता तक था कलकत्ता के बाहर का मुकदमा तभी सुना जाता था जब दोनों पक्ष सहमत हो।
- इसी के काल में बोर्ड ऑफ़ रेवेन्यु की स्थापना हुई
- पिट्स इंडिया एक्ट के विरोध में इस्तीफा देकर जब वारेन हेस्टिंग्स इंगलेंड पहुंचा तो इसके ऊपर महाभियोग लगाया गया परन्तु इसे आरोपों से मुक्त क्र दिया गया।
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