Resolution Ias By Er Neelesh Tomar
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वित्त आयोग गठन तथा वित्त आयोग के कार्य
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राष्ट्रपति हर 5 वर्ष बाद वित्त आयोग का गठन करते है इसके 4 सदस्य होते है अध्यक्ष सार्वजानिक सेवा से जुड़ा व्यक्ति होता है। सदस्यों में एक जो HC का वर्तमान या पूर्व न्यायधीश रहा हो । दूसरा जिसे सरकार के लेखा संबंधित ज्ञान हो तथा तीसरा जिसे सरकार के वित्त एवं लेखा संबंधित मामलो का अनुभव हो चौथा जो प्रख्यात अर्थशास्त्री हो।
वित्त आयोग संघ और राज्यो के बीच वित्तीय संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से गठन किया जाता है।
वित्त आयोग के कार्य
- संघ और राज्यों के बीच बिभाजनीय करो के बटबारे के लिए आवश्यक सुझाव देना
- वित्त आयोग केन्द्र एवं राज्य के बीच करों के वितरण पर या संचित निधि से राज्यों को सहायता अनुदान आदि के संदर्भ में सुझाव देता है।
- राज्य वित्त आयोग द्वारा पंचायतो के संबंध में की गयी सिफारिशों को ध्यान में रखते हुये राज्य की संचित निधि में वृद्धि के लिए आवश्यक सुझाव देना
- इसी प्रकार नगर पालिका के संबंध में सुझाव देना
- राष्ट्रपति द्वारा देश की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने के लिए संबंधित किसी कार्य को दिए जाने पर उससे संबंधित सुझाव देना
वित्त आयोग अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को देता है राष्ट्रपति इस रिपोर्ट को आवश्यक कार्यवाही के साथ संसद में रखबाते है
- वित्त आयोग भारतीय संविधान के अनु० 280 में एक ,संवैधानिक आयोग के रूप में वित्त आयोग का वर्णन है। यह एक अर्द्धन्यायिक आयोग के रूप में कार्य करता है।
- अभी तक कुल 15 वित्त आयोग गठित हो चुके है। प्रथम वित्त आयोग के अध्यक्ष के० सी० निरोगी तथा 15 वें वित्त आयोग के अध्यक्ष N K सिंह है। इस आयोग में एक अध्यक्ष एवं चार सदस्य होते है।
- वित्त आयोग द्वारा दी गई सिफारिशों को मानना सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं है।


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