SEZ(Special Economic Zone) विशेष आर्थिक क्षेत्र क्या है 2020

RESOLUTION IAS BY ER NEELESH TOMAR

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SEZ(Special Economic Zone) विशेष आर्थिक क्षेत्र  क्या है

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SEZ (Special Economic Zone ) विशेष आर्थिक क्षेत्र 


ये ऐसे ओधोगिक आर्थिक क्षेत्र होते है जिनकी स्थापना विशेष रूप से निर्यात को बढ़ावा  देने के उद्देश्य से की गई इसके तहत Sez Act 2005 पारित किया गया फरवरी 2006 में इसे लागू किया गया Sez इकाइयो को देश में ही स्थित एक विदेशी  क्षेत्र के रूप में माना जाता है इनको करो में विभिन्न प्रकार की छूट दी जाती है। स्थापना के आरंभिक 5 वर्षो तक इनके कर में 100 % की छूट होती है उसके अगले 5 वर्षो तक कर में 50 % की छूट तथा उसके अगले 5 वर्षो तक यह अपने निर्यात लाभ का 50 % अपनी इकाइयो में निवेश कर सकते है। उस पर Tax नहीं लगेगा वर्तमान में लगभग 585 Sez स्वीकृत है। सर्वाधिक Sez आंध्रप्रदेश में स्वीकृत है दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र तथा तीसरे स्थान पर तमिलनाडू 
  • Sez को विदेशी क्षेत्र माना जाता है देश के अंदर प्रचलित श्रम कानून ,कर कानून इन पर लागू नहीं होते Sez से जुड़े कार्यो के त्वरित निपटारे के लिए एकल खिड़की अपनायी गई है 
  • भारत पहला एशियाई देश है जिसने निर्यात को बढ़ाने के लिये 1965 में कांडला(गुजरात ) में एक विशेष क्षेत्र की स्थापना की थी इसे एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन (EPZ )नाम दिया गया था। 
Sez अधिनियम के मुख्य उद्देश्य 
  • वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देना 
  • रोजगार के अवसरों का सृजन 
  • घरेलू और विदेशी स्रोतों से निवेश को बढ़ावा देना 

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