भूकम्प



     Resolution Ias By Er Neelesh Tomar

भूकम्प 


भूकम्प शब्द दो शब्दों से बना है भू तथा कम्प जिसका सामान्य अर्थ पृथ्वी का कम्पन है। जिस तरह किसी शान्त जल में पत्थर का टुकड़ा फेकने पर गोलाकार लहरे केंद्र से चारो ओर प्रवाहित होती है उसी तरह भूगर्भ उद्गम केंद्र से भूकम्प लहरे चारों ओर फैलती है। भूकम्प की उत्पति जिस स्थान पर होती है उसे भूकंप केंद्र (फोकस ) कहते है। भूकम्प केंद्र के ठीक ऊपर जहाँ भूकम्प की लहरों का अनुभव सर्वप्रथम किया जाता है उसे भूकंप अधिकेन्द्र कहते है 


भूकम्प आने के कारण 

    पृथ्वी के अन्दर कभी -कभी अचानक हलचल होती है तो भूकम्प आते है। ज्वालामुखी उदभेदन के कारण भी भूकम्प आते है। कभी -कभी भूगर्भ के अंदर बनने वाली गैसे एवं जलवाष्प कमजोर भूपटल को तोड़कर ऊपर निकलती है या ऊपर निकलने की कोशिश करती करती है जिससे भूकंप आते है। 

ज्वालामुखियों के समान ही भूकंप भी प्रशान्त महासागर के तटीय भागों में अधिक मात्रा में आते है। जापान में भूकम्प बहुत आते है। भारत में हिमालय का पर्वतीय प्रदेश भूकम्प का मुख्य क्षेत्र है। 

भूकम्प से हमें कई लाभ होते है 

  • इससे कभी -कभी उपजाऊ भूमि उभर आती है। 
  • नवीन भू -आकारों का निर्माण होता है। 
  • इनसे बहुमूल्य खनिज पदार्थ धरातल पर आ जाते है। 
  • इनसे नीचे हो जाने वाले भू -भाग पर झीलों का निर्माण होता है। 

भूकम्प से कई हानियाँ होती है 

  • नदियों के मार्ग अवरूद्ध होने से भयंकर बाढ़ आ जाती है। समुद्र में बहुत ऊंची विनाशकारी लहरे उठती है। 
  • भूखण्डों में दरारे पड़ जाती है तथा कुछ भाग नीचे धँस जाता है। 
  • इससे जन -धन की हानि होती है 

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