चट्टान


                                       Resolution ias By Er Neelesh Tomar

चट्टान 


धरातल की रचना करने वाले सभी पदार्थ चट्टान या शैलें है। अर्थात जिन पदार्थो से भूपृष्ठ का निर्माण हुआ है ,उन्हें चट्टान या शैल कहते है। इनमें ग्रेनाइट की तरह कठोर तथा मिट्टी की तरह मुलायम तथा सभी प्रकार के तत्व सम्मिलित है। ये चट्टान एक या अनेक खनिजों के मिश्रण से बनी है। निर्माण के आधार पर चट्टान के तीन प्रकार है। 
  • आग्नेय चट्टान 
  • अवसादी चट्टान 
  • कायान्तरित चट्टान 
(1 ) आग्नेय चट्टान -ये चट्टान भूपृष्ठ की प्रारंभिक चट्टान है। इन्हे प्राथमिक चट्टान भी कहते है ये चट्टान पृथ्वी के आन्तरिक भाग में पिघले पदार्थो के ठण्डे होने से बनी है। भूपृष्ठ के नीचे अति गर्म पिघला पदार्थ भू -पर्पटी में अथवा उसके ऊपर ठण्डा होकर कठोर हो जाता है ,उसे आग्नेय चट्टान कहते है। यही गर्म पिघला पदार्थ भूपर्पटी के नीचे धीरे -धीरे ठण्डा होता है तो उससे ग्रेनाइट नामक आग्नेय चट्टान का निर्माण होता है। कभी -कभी गर्म पिघला पदार्थ किसी छिद्र या दरार से बहार निकलकर भूपृष्ठ पर फैलता है तो वह बहुत जल्दी ठण्डा होकर कठोर हो जाता है। इस प्रकार बनी आग्नेय चट्टान को बेसाल्ट कहते है। यह चट्टान गहरे काले रंग की कठोर तथा भारी होती है। सड़क बनाने में इसका उपयोग किया जाता है। 

(2 ) अवसादी चट्टान -जल ,वायु एवं हिम द्वारा बहाकर लाये गए कंकड़,पत्थरो के छोटे -छोटे कण ,जीवाश्म आदि भू -भाग या समुद्रतल में परतो के रूप में जमा होते जाते है। इस प्रकार जमे हुए पदार्थ को अवसाद कहा जाता है। यही अवसाद  की परते गर्मी तथा दबाव के कारण कठोर हो जाती है तो उन्हें अवसादी या परतदार चट्टान कहा जाता है। इसके निर्माण में जल की प्रमुख भूमिका होने से जलज चट्टान भी कहते है। बलुआ पत्थर ,चूने का पत्थर ,चिकनी मिट्टी ,कोयला आदि इसके उदाहरण है। इनमे जीव जन्तुओं और वनस्पतियों के अवशेष भी पाए जाते है। पृथ्वी के ऊपरी धरातल का लगभग 80 प्रतिशत भाग अवसादी चट्टानों से ढका है। 


(3 ) कायान्तरित चट्टान -जब आग्नेय तथा अवसादी चट्टानों के रूप ,रंग और गुण में आन्तरिक ताप तथा दबाब के कारण पूर्ण रूप से परिवर्तन हो जाता है तो उन्हें कायान्तरित या परिवर्तित चट्टान कहा जाता है। चूने के पत्थर से संगमरमर ,बलुआ पत्थर से क्वार्ट्जाइट ,चिकनी मिट्टी से स्लेट तथा कोयले से ग्रेफाइट और हीरा बनते है। ये चट्टान अधिक कठोर तथा रवेदार होती है। 


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